
हाँ, मेरे साथ ऐसा हुआ है कि मैने अधूरी जानकारी से ही व्यक्ति की स्थिति का अनुमान लगा लिया और कई बार हुआ है । ex.. एक बार मैं ऑटो में जा रही थी और एक महिला थी जोकि बुरखे में थी , वो पहले से ही कुछ स्नैक खा रही थी और कुछ इस प्रकार से कि उनका चेहरा भी न दिखे और वो खा भी ले मेरे लिए काफी अजीब था कि यह ओपनली क्यू नहीं खा सकती फिर सोचा कि रूल होगा कोई , उसके ब उन्होंने इशारे से अपने हसबैंड से दवाई मांगी , वो थोड़ी दूर थे , उसक बाद पानी मांगा इशारे में ही , उन्होंने दवाई खाई तो उनका चेहरा थोड़ा सा दिख गया, उन्हें देखकर मुझे लगा कि वो बोल नहीं सकती है मेरे मन में करुणा जैसा एक उभार आया , विचार आने लगे कि कितना कुछ होगा इनके जीवन में कठिन , और इसी बात को और प्रमाणित करते हुए उन्होंने फिर इशारा किया और बोल भी रही थी लेकिन शब्दों में नहीं , उसके बाद उन्हीं महिला ने जब बोला कि "लो यह दवाई भी रखलो " तब मेरी आँखें खुली की खुली रह गई और मुझे खुद पर खुद की बेवकूफी पर बहुत हंसी आने लगी , मैं ऑटो में ही हंसने लगी , में दादा भी थे साथ में unhone बोला क्या हुआ , पर क्या बताती मैं 😂😂। उस दिन से ठान लिया है आगे से ऐसे कोई धारणा नहीं बनानी है यह गलत है ।


















