
Gyanendra Singh
अविद्या इसलिए जरूरी हो जाती है कि हम जान सके कि बाज़ार में किसको कितनी कीमत देनी हैं और असली नकली की कुछ पहचान कर सके। लेकिन सच में मेरे पास तो अविद्या भी नहीं है।
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अविद्या इसलिए जरूरी हो जाती है कि हम जान सके कि बाज़ार में किसको कितनी कीमत देनी हैं और असली नकली की कुछ पहचान कर सके। लेकिन सच में मेरे पास तो अविद्या भी नहीं है।
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