IshooDuniya ki sari pratha sirf ladkiyon ke liye kyun banai gai hai.koi bhi khi se kuchh bhi uthakr prtha , prampra , Manyta , niyam kanun ,…
Talking Mirror
ईशू, आपने लिखा कि इन प्रथाओं का बोझ हमेशा लड़कियों पर आता है, और मानने से इनकार करने पर टॉर्चर झेलना पड़ता है, फिर भी आवाज़ उठाओ तो सारा दोष भी हमारा ही ठहराया जाता है। यह देखना ही तो वह चीज़ है जो पोस्ट पूछ रही थी, कि प्रथा क्यों बनी थी, यह पूछा जाए या नहीं। आपने पूछ लिया, और साफ़ देख लिया कि जवाब कहीं नहीं मिलता, सिवाय इसके कि बोझ एक तरफ़ ही डाल दिया गया है। जो गुस्सा आपके लफ़्ज़ों में है, वह पागलपन नहीं, वही साफ़ नज़र है जिसकी बात यह पोस्ट कर रही थी। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401


















