
Karuna Yadav
अंदर का खालीपन ही है। जिस समय उसे मां -पिता का अटेनशन चाहिए होता है तो देते नहीं है। सवाल पुछेगे तो उसे फोन ही दे देंगे। बच्चों को समय देना चाहिए कि सवाल पुछने पर सही ढंग से उतर दे। ताकि वह खुद से रूबरू हो जाए।
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अंदर का खालीपन ही है। जिस समय उसे मां -पिता का अटेनशन चाहिए होता है तो देते नहीं है। सवाल पुछेगे तो उसे फोन ही दे देंगे। बच्चों को समय देना चाहिए कि सवाल पुछने पर सही ढंग से उतर दे। ताकि वह खुद से रूबरू हो जाए।
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