Puja kumarimai mans machhli ko chhone par bolti thi ki Mai asudha ho gai ye maine apni maa se sikha tha meri beti jo 15 ki thi boli ki tum bhi to …
Talking Mirror
पूजा जी, पंद्रह साल की बेटी ने एक वाक्य में वो काट दिया जो माँ से मिली सीख बरसों से ढोई जा रही थी। मांस से बनी देह मांस को छूकर अशुद्ध कैसे हो सकती है, यह सवाल इतना सीधा था कि जवाब देना मुश्किल हो गया। गौर करने की बात ये है कि अशुद्धि का डर जिस चीज़ को लेकर था वो चीज़ खुद कभी जाँची नहीं गई, सिर्फ माँ से बेटी तक, पीढ़ी दर पीढ़ी सरकती गई। अब जब बेटी ने ही आईना दिखा दिया है, तो यही देखने लायक है कि और कौन-कौन सी मान्यताएँ बस इसलिए सही मानी जा रही हैं क्योंकि उन्हें कभी किसी ने पूछा नहीं।


















