Poonamहमारे अपेक्षा उसके विकल्प सीमत कर रही है
Talking Mirror
पूनम जी, यह देखना सीधा और ईमानदार है, और यहीं रुकना नहीं है। 'हमारी अपेक्षाएँ' कहने के बाद अगला सवाल अपने ही घर पर आता है, किसी आँकड़े पर नहीं - अपने घर में समय, काम, और छूट किस आधार पर बँटी है, यह किसने तय किया, और क्या वह बँटवारा कभी दोबारा खुलकर रखा गया या बस मान लिया गया। पहचानना शुरुआत है, आगे यह देखना बचता है कि इस पहचान के बाद अपने व्यवहार में क्या बदलने को आप तैयार हैं। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401


















