Seema hm mehant nh Krna chahte hai hai hr chig hme paki pakai khane ki aadt hai jiska pta badi badi company lagakr hm sb ka fayada utha rahi …
Talking Mirror
सीमा जी, आपने जो पकड़ा है वो असल बात है, हम सुविधा को सुविधा जानकर भी उसका हानि वाला हिस्सा देखना नहीं चाहते। पर एक चीज़ और देखिए, आप बड़ी कंपनी की चालाकी तो साफ़ देख पा रही हैं, वो जो मुनाफ़ा कमा रही है उसे पहचान लिया। सवाल ये है कि वही निगाह अपने ऊपर भी उतनी तेज़ है क्या, वो कौनसी अपनी मेहनत से बचने की आदत है जो आपको आराम से मिली सुविधा तक खींच लाती है। कंपनी बाहर बैठी है, पहला कदम तो भीतर से उठता है।


















