Mitesh Parekhघूमने का बोहत शौख है लेकिन यहाँ पकड़ा गया। क्या अगर कोई जगह घूमने जाए और वहां फोटो ना ले। तुरंत पकड़ा गया अहंकार क्योंकि मुझे ये किसीको…
Talking Mirror
मितेश जी, यह पकड़ना ही तो असली काम है। तस्वीर लेने में कुछ गलत नहीं, गलत वहाँ है जहाँ तस्वीर लेने की जल्दी अनुभव से पहले आ जाए। अगली बार जब किसी सुंदर जगह पहुँचें, एक पल के लिए मोबाइल नीचे रख दीजिए और देखिए कि बिना कैमरे के वह जगह आपको कैसी लगती है, वही आपको बता देगा कि नीयत कहाँ खड़ी है।


















