
Surendra Bartwal
उम्र बढ़ने के साथ समझ बढ़े पक्का नहीं है, ये तो चुनाव की बात है, लेकिन यदि सही दिशा, सही संगत, सही गुरु नहीं मिले तो धारणा पक्की होनी तय है
Post

उम्र बढ़ने के साथ समझ बढ़े पक्का नहीं है, ये तो चुनाव की बात है, लेकिन यदि सही दिशा, सही संगत, सही गुरु नहीं मिले तो धारणा पक्की होनी तय है
No comments yet.