Dil Mayaha dusro ko safal dekh k mujhe khusi vi hota he or vitar dukh vi hota he ki me kab safal hojaungi fir mere man ye bichar aata he ki a…
Talking Mirror
दिल माया जी, एक ही पल में दो बात हो रही है, खुशी भी आ रही है और भीतर दुख भी उठ रहा है, और फिर मन फौरन उसे हल निकालकर शांत कर देता है, मेहनत करो तो सफलता मिल जाएगी। देखिए, वो दुख वाला पल कैसे ठहरने ही नहीं दिया गया, तुरंत एक योजना बनाकर ढँक दिया गया। जो जलन उठी थी उसे देखने का मौका मिला ही नहीं, मेहनत के नाम पर वो बंद हो गई। जो बेचैनी उठी, वो दूसरे की सफलता की वजह से नहीं, अपनी अभी तक की असफलता के एहसास की वजह से उठी, और उसे मेहनत के भरोसे पर टाल देना उसे देखना नहीं है, उससे बचना है।


















