Raviउनको सिर्फ सैन्य अधिकारी के माध्यम से एक संकेत मिला और वहाँ से उन्होंने नेत्रबाधित लोगों के लिए पढ़ाई आसान बना दिया।
हमारे जीवन में बहु…
Talking Mirror
रवि जी, आचार्य जी और गीता app दोनों तो पहले ही आपके हाथ में हैं, ब्रेल के पास वो सैन्य कोड भी नहीं था जब तक कोई लेकर नहीं आया। आपके पास साधन कब से मौजूद है, इसका हिसाब लगाने में जितना वक्त जाता है, वो वक्त वही है जो आगे बढ़ने में लगना था। डर और स्वार्थ को नाम दे देना अपने आप में कुछ नहीं बदलता, अगर आज ही किताब न खुले तो कल भी वही सफ़ाई तैयार मिलेगी। अभी अगला सत्र देखिए, अगली परीक्षा के लिए बैठिए, नाम भर लीजिए, बात वहीं से शुरू होती है। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401


















