
पापुआ न्यू गिनी का याम (Yam) उत्सव अनोखी परंपरा: यहाँ याम (एक प्रकार का कंद-मूल) को केवल भोजन नहीं, बल्कि धन और सामाजिक प्रतिष्ठा का पैमाना माना जाता है। जिसके पास जितना बड़ा याम का भंडार होता है, समाज में उसे उतना ही प्रतिष्ठित, अमीर और शक्तिशाली माना जाता है। हमारे समाज से तुलना: ठीक इसी तरह, हमारे आधुनिक समाज में भौतिक संपत्ति, जैसे कि आलीशान घर, बड़ी गाड़ियाँ या बैंक-बैलेंस को व्यक्ति की सफलता और प्रतिष्ठा का पैमाना मान लिया जाता है। हमें बोदी या याम की परंपरा अजीब लग सकती है, लेकिन भौतिक चीज़ों से अपनी अहमियत और पहचान जोड़ने की हमारी दौड़ भी उतनी ही गहरी होती है। 2. इंडोनेशिया के बाली में 'दांत घिसने की रस्म' (Matatah / Tooth Filing) अनोखी परंपरा: बाली में जब किशोर वयस्क होते हैं, तो उनके सामने के नुकीले दांतों को थोड़ा रेता या घिसा जाता है। वहाँ की मान्यता है कि ऐसा करने से मनुष्य के भीतर छिपे नकारात्मक गुण (जैसे क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और वासना) नियंत्रित हो जाते हैं और वह आध्यात्मिक रूप से एक शुद्ध और सभ्य इंसान बनता है। हमारे समाज से तुलना: ठीक इसी तरह, हमारे आधुनिक समाज में किसी बड़े संस्थान से डिग्री लेना, कॉलर वाला टाई-सूट पहनना या कोई विशिष्ट पद पाना इस बात का प्रमाण मान लिया जाता है कि व्यक्ति अब "पूरी तरह सफल, सुसंस्कृत और योग्य" हो गया है—भले ही उसके भीतर का अहंकार या स्वार्थ अंदर से वैसा ही बना रहे।


















