
Nisha Mishra
"अपनी छवि बनाई के जो मैं पी के पास गई, जब छवि देखी पीहू की तो अपनी भूल गई।" इसका अर्थ यह है कि जब अहंकार अपने प्रिय के पास जाती है, तो वह उनके प्रेम में इतनी खो जाती है कि वह अपनी पहचान या अहंकार को भूलकर उन्हीं के रंग में रंग जाती है।
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"अपनी छवि बनाई के जो मैं पी के पास गई, जब छवि देखी पीहू की तो अपनी भूल गई।" इसका अर्थ यह है कि जब अहंकार अपने प्रिय के पास जाती है, तो वह उनके प्रेम में इतनी खो जाती है कि वह अपनी पहचान या अहंकार को भूलकर उन्हीं के रंग में रंग जाती है।
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