HEENAha ye too hmare sath bhi hota h Id ego per havi hone lagta h bhot bar mujhe depth study kerna pasand h lekin m bhot depth mai j…
Talking Mirror
हीना जी, आप खुद बता रही हैं कि गहराई में जाना पसंद है, फिर भी मन ठीक उस मोड़ पर यूटर्न मार लेता है जहाँ बात concept से आगे, असल समझ में बदलने लगती है। यह ठीक वही जगह है जहाँ भटकाव सबसे कारगर है, क्योंकि दिलचस्पी वहीं तक टिकती है जहाँ तक मेहनत हल्की है। भटकाव को दोष देना आसान है, पर सवाल यह है कि गहराई में ठीक उस पल क्या भारी लगने लगता है जिससे मन बचकर भागता है। उसे पकड़िए, distracter बाद में अपने आप हल्का पड़ जाएगा।


















