
Sonam
लम्बे समय से मैं मानती थी कि भगवान सिर्फ मंदिर, आसमां में या दूर कहीं होते हैं लेकिन जब से आचार्य जी को सुना तो मुझे पता चला कि भगवान तो हमारे अंदर होते हैं तो मेरा सोचने का तरीका बिल्कुल ही बदल गया
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लम्बे समय से मैं मानती थी कि भगवान सिर्फ मंदिर, आसमां में या दूर कहीं होते हैं लेकिन जब से आचार्य जी को सुना तो मुझे पता चला कि भगवान तो हमारे अंदर होते हैं तो मेरा सोचने का तरीका बिल्कुल ही बदल गया
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