
Abhishek Sharma
आचार्य जी से जुड़ने के पहले मैं अपने जीवन के छोटे-छोटे फैसलों पर भी सोचने में समय बर्बाद करता था और अंत में वह काम वैसा ही रह जाता था, बिल्कुल गधे के घास के जैसे। जैसे :- कौनसे कपड़े लेने हैं, डाइट कौनसा लेना है, एक्सरसाइज कौनसा करना है,नौकरी कौनसी करनी है आदि। लेकिन अब ज्यादा सोचने से अच्छा कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखकर मैदान में कूद पड़ता हूं। इससे बहुत नई चीजें सीखने को मिलती है।


















