
Dashrath sharma
अतीत की गलतियां को बार बार दोहराने का सिलसिला चालू रहता है पर कम हो रहा है और आचार्य को सुनते जायगे तो कम हो जाएगा और अतीत को लेके बैठे रहने से कुछ नहीं होगा है वर्तमान को खराब कर देंगे वर्तमान में जी जाय। अतीत से सीख कर वर्तमान में उचित निर्णय लेना होगा ।


















