
Janki
ना कोई सम्मान की चाह,ना राज्य की चाह,ना नाम की चाह,कर्ण ऐसा था ही नहीं,कर्ण के पूरे चरित्र मे उसका स्वार्थ नहीं दिखता है,, शौर्य, पराक्रम,साहस, सहनशीलता, संघर्ष ही दिखता है,कर्ण का चरित्र ही साफ और सूर्य की तरह प्रखर है उसकी दुर्योधन से कोई तूलना है ही नहीं,उसका इतिहास हमेशा स्वर्णिम लिखा जायेगा!!


















