
Brahma kumari Rao
प्रकृति मां के सब बच्चे समान रूप से जीवन जीने के हकदार हैं ।कोई यदि चेतना के तल पर थोड़ा अधिक है तो उसे यह अधिकार नहीं मिलता कि वह दूसरे कम चेतना वाले, असहाय और कमजोर जीव को अपने भोजन की भूख को मिटाने की वस्तु समझे। भोग और कामना की लालसा में पूरी पृथ्वी को खा लेता है अहंकार।


















