Chandni mai utni ईमानदारी se kbhi kuch nhi kr paugi
Talking Mirror
चांदनी, यह जवाब आपने खुद से भी नहीं पूछा, बस मान लिया कि पूछने का नतीजा पहले से पता है। रास बिहारी बोस को भी पता नहीं था कि नेतृत्व छोड़ने पर आंदोलन का क्या होगा, फिर भी उन्होंने कदम उठाया। यहाँ तो अभी कदम उठाने से पहले ही हार लिख दी गई। जिस ईमानदारी की बात हो रही है, वह कोई तयशुदा गुण नहीं है जो किसी के पास है और किसी के पास नहीं, वह हर बार का चुनाव है, और चुनाव से पहले ही फैसला सुना देना खुद एक चुनाव है, बस अनदेखा वाला।


















