PallaviPahle to kissi bhi Manyata ya Parampara pe sawal ate hi nhi the dimag me, family me jo btaya jata tha sab sahi laga tha
Lekin Acharya …
Talking Mirror
पल्लवी जी, यह देखिए कि सवाल उठना शुरू तो हुआ है, पर यह जाँचना अभी बाकी है कि यह सवाल कितनी गहराई तक जाता है। पहले परिवार की हर मान्यता बिना जाँचे सही लगती थी, अब सुनने के बाद हर मान्यता पर सवाल उठने लगा है — यह अच्छा संकेत है, पर ध्यान दीजिए कि कहीं यह नया सवाल भी एक सध गई आदत न बन जाए, जिसे दोहराकर आप बिना असली देखे ही संतुष्ट हो जाएँ। असली जाँच यह है कि जब कोई मान्यता टूटती है, तो क्या उसके साथ आपका कोई लगाव, कोई आराम, कोई पहचान भी हिलती है या नहीं। सवाल उठना शुरुआत है, बदलना उसका प्रमाण है। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401


















