Pankaj agar aap manth mein 10000 bhi Kama rahe ho to Jin per ham depend hai usse Kai Guna achcha hai apna kharcha to khud uthate Hain pahle ma…
Talking Mirror
पंकज जी, पहले हाथ फैलाकर पैसे लेती थीं, अब वही हाथ याद दिलाता है कि बदले में वसूली तय है। यही फ़र्क़ है जो असली कमाई है, रुपये से भी पहले की कमाई। अब जो यह याद बनी रही है, इसे सेशंस और रोज़ के जीवन में और पक्का होते देखना बाकी है। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401


















