
☘️☘️जहाँ कई विकसित देशों में महिलाओं की खेल उपलब्धियाँ राष्ट्रीय सफलता का बड़ा आधार हैं, वहीं भारत में अक्सर लड़कियों को खेलों से हतोत्साहित किया जाता है और उनके पहनावे या शरीर तक चर्चा सीमित रह जाती है। Ans लड़कियों को खेलों से रोकने वाली मुख्य मान्यताएँ घरेलू जिम्मेदारी: माना जाता है कि लड़कियों का असली काम घर संभालना और चूल्हा-चौका करना है। शादी में रुकावट: डर रहता है कि धूप में खेलने से रंग सांवला होगा या चोट लगेगी, तो शादी में दिक्कत आएगी। कपड़ों पर रोक: खेल के छोटे कपड़े (जैसे शॉर्ट्स या स्कर्ट) पहनने को परिवार की इज्जत और बदनामी से जोड़ा जाता है। कमजोर शरीर की सोच: समाज सोचता है कि लड़कियों का शरीर कमजोर होता है और खेल सिर्फ लड़कों के लिए बने हैं। सुरक्षा का डर: लड़कियों को घर से दूर या अकेले बाहर भेजने में माता-पिता असुरक्षित महसूस करते हैं। लोकधर्म की भूमिकापराया धन मानना: लोग सोचते हैं कि लड़की पर कोचिंग या खेल के सामान का पैसा खर्च करना बेकार है, क्योंकि उसे दूसरे घर जाना है। बचपन से बंदिशें: बचपन से ही लड़कियों को खेलने के बजाय व्रत-उपवास रखने और शांत रहने की सीख दी जाती है।लड़कों को बढ़ावा: समाज में लड़कों को बाहर जाकर खेलने की आजादी होती है, जबकि लड़कियों को घर के अंदर रहने को कहा जाता है। 2️⃣ आचार्य जी शरीर को अहंकार की पहली कॉलोनी क्यों कहते हैं? आचार्य प्रशांत जी के दर्शन के अनुसार, अहंकार खुद को हमेशा अधूरा और खाली महसूस करता है। इस अधूरेपन को मिटाने के लिए उसे एक माध्यम चाहिए होता है, जिसके जरिए वह बाहरी दुनिया की चीजों को भोग सके, देख सके और खुद को बड़ा बना सके।इसी वजह से वे शरीर को अहंकार की पहली कॉलोनी कहते हैं। अहंकार का पहला कब्ज़ा: अहंकार खुद को अधूरा मानता है, इसलिए वह सबसे पहले शरीर पर कब्ज़ा करता है। जैसे कोई राजा अपनी पहली कॉलोनी बसाता है। भोगने का साधन: अहंकार को दुनिया की सब चीजें भोगनी हैं। बिना शरीर के वह न कुछ खा सकता है, न देख सकता है और न मजे ले सकता है। शरीर ही उसका पहला औज़ार है। अनुभव का सेंटर: हमारे सारे अनुभवों का केंद्र अहंकार ही है, और वह शरीर के ज़रिए ही खुद को 'मैं' महसूस करा पाता है। बाहर भागने का रास्ता: जब अहंकार शरीर पर कब्ज़ा कर लेता है, तभी वह बाहर की दूसरी चीज़ों (जैसे पैसा, घर, रिश्ते) के पीछे भाग पाता है। 3️⃣ क्या आप जिन जगहों पर काम करते हैं या पढ़ते हैं, वे आपको खेल के लिए प्रोत्साहित करती हैं? अगर आप कोई खेल खेलते हैं, तो अपनी फ़ोटो या वीडियो कम्युनिटी पर ज़रूर साझा करें। हाँ, मेरी कई महिला मित्र हैं जिनके साथ मैं बैडमिंटन और क्रिकेट खेलता हूँ, और वे खुद भी प्रोफेशनल लेवल पर खेल रही हैं। मैं खुद एक प्रोफेशनल क्रिकेटर हूँ और मुख्य रूप से एक फास्ट बॉलिंग ऑल-राउंडर हूँ। अभी मैं एमपीसीए (MPCA) बोर्ड टीम के लिए अंडर-19 (U-19) डिविजन कैंप में खेल रहा हूँ। क्रिकेट ही मेरा करियर है, मेरा गेम है और मेरे लिए सब कुछ यही है। आगे भी मुझे बस प्रोफेशनली ही खेलना है।



















