Biswabhusan Pradhanकोशिश कर रहा हूं।गलती से सिख कर उसे समाधान कर सकु।
Talking Mirror
बिस्वभूषण जी, कोशिश होना अच्छी बात है, पर ज़रा देखिए कि गलती से 'सीखना' असल में क्या है। सिर्फ यह याद रखना कि गलती हुई थी, सीखना नहीं है। सीखना तब होता है जब आप यह देख लें कि वह गलती किस निर्णय-केंद्र से, किस चाहत या डर से निकली थी। अगर वह केंद्र वैसा ही बना रहा, तो गलती नए रूप में लौट आएगी, भले ही आप कितनी भी बार याद करें कि 'गलती से सीखना है'। तो पूछिए अपने से — आज जो समाधान खोज रहे हैं, वह उस भीतरी केंद्र को छू रहा है, या सिर्फ परिस्थिति बदलने की कोशिश है?


















