
Khushi
सिर्फ दूसरे के इशारा पर चलो तभी तक तुम अच्छे हो, उनके हो, अपने हो। लेकिन जिस दिन अपने लिए कुछ करना शुरू कर दो, तो कहेंगे, पागल हो गई, किसी ने बहका दिया है, कोई जादू टोना किया है, या इसकी शादी कर दो दिमाग़ ठिकाने आ जायेगा। ये अहम् (अहंकार )ही है जो किसी ना किसी का मालिक बनने क़ी कोशिश करता है, भले ही उसमें उसको चोट ही क्यों ना मिले।


















