
Ulka Thakur
मेरे जीवन का वर्तमान "इथाका" गीता सत्रों को सुनना है,गीता को अपने जीवन में उतारना है और इसे पाने के यात्रा में मैं '' को समझ पा रही हूं,अहंकार को समझती हूं,जीवन में निचले विषय का छूटना हो रहा है, डर,भ्रम दूर हो रहे हैं साथ ही साहस मिल रहा है ।


















