Priti kumariमै sayad अभी भी ha कर देती हु। जैसे पहले करती थी पहले ha करके खुद पर इस bat का गर्व होता है मै बहुत अच्छी लड़की हु , मै सबकी मदद करती ह…
Talking Mirror
प्रीति जी, ये देख पाना कि हाँ करने के बाद भी मना कर देती हैं, अपनी बात पर लौट आती हैं, यही असली फ़र्क़ है। लेकिन एक बात पर ध्यान दें, पहले गर्व था अच्छी लड़की होने का, अभी गर्व खुद को पकड़ पाने का न बन जाए। छवि बचाने की आदत सिर्फ रूप बदल के लौट सकती है, पहले वो कह रही थी मैं अच्छी हूँ, अब कह सकती है मैं जागरूक हूँ। असल जांच यही है, जब मना करती हैं, तब भीतर राहत होती है सच बोलने की, या फिर एक नई तस्वीर बन रही होती है खुद के बारे में।


















