
Sandhya
मै पहले अपनी परिस्थितियों को ही अपनी सीमाएं मन लेती थी लेकिन अब नहीं गीता सत्रों से जुड़ने के बाद मुझे समझ आया है कि परिस्थितियों के भीतर कैसे रथ खोजते है किसी भी परिस्थिति में हमें खुद को सीमाओं में नहीं बांधना।
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मै पहले अपनी परिस्थितियों को ही अपनी सीमाएं मन लेती थी लेकिन अब नहीं गीता सत्रों से जुड़ने के बाद मुझे समझ आया है कि परिस्थितियों के भीतर कैसे रथ खोजते है किसी भी परिस्थिति में हमें खुद को सीमाओं में नहीं बांधना।
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