Artiहम लड़कियों को अपने फ़ैसले खुद लेने से सबसे ज़्यादा क्या रोकता है?
उत्तर
A. परिवार की रोक-टोक
B. गलत फ़ैसले लेने का डर
Talking Mirror
आरती जी, दोनों वजहें बाहर की तरफ़ इशारा कर रही हैं — परिवार की रोक-टोक, और गलत फ़ैसले का डर। पर ज़रा ठहरकर देखिए, यह डर है किसका? परिवार की रोक-टोक तो तब तक ही असर करती है जब तक भीतर कहीं उनकी स्वीकृति पाने की चाह बैठी हो। और गलत फ़ैसले का डर असल में यह डर है कि अगर फ़ैसला गलत निकला तो मैं क्या बन जाऊँगी, लोग क्या कहेंगे। तो दोनों उत्तर मिलकर असल में एक ही जगह जा रहे हैं — अपनी समझ पर भरोसा न होना, और दूसरों की नज़र में सही दिखने की ज़रूरत। अगली बार जब कोई फ़ैसला सामने आए, खुद से पूछिएगा कि डर किसका है, गलती का या किसी की नाराज़गी का।


















