Anjali hum bss khud ko shi proof krne ki koshish mein lg jate hai jo ki galat hai
Talking Mirror
अंजलि जी, जो आपने देखा वह यहीं रुकने लायक नहीं है। खुद को सही साबित करने की कोशिश को 'गलत' कह देना आसान है, पर असली सवाल यह है कि वह कोशिश आती कहाँ से है। जब कोई हमारी बात को तोड़-मरोड़ देता है और हम झट से बचाव में उतर आते हैं, तो उस पल ध्यान दीजिए कि भीतर क्या बचाया जा रहा है — सच, या अपनी छवि कि मैं गलत नहीं हो सकता। अगली बार बहस में जब यह खिंचाव उठे, उसी वक्त रुककर देखिए कि जीतने की जल्दी किसकी सेवा कर रही है। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401


















