
RICHA CHATURVEDI
सबसे बड़ी बात है कि महिला खुद भी खुद को महिला ही मानती है, वह मनुष्य नहीं मानती खुद को और इसके साथ में पुरुष भी खुद को पुरुष ही समझता है स्त्री और पुरुष दोनों किसी भी पहचान से पहले मनुष्य है, चेतना है यह बात जब तक नहीं समझेंगे तब तक महिला भी बंधन में रहेगी और महिला को बंधन में रखने के कारण पुरुष भी परेशान ही रहेगा


















