Avishka Rajमैं अभी 19 वर्ष की हुं , कुछ साल पहले 17 साल की उम्र में मेरा operation हुआ फिर स्थिति तब भी नहीं सुधरी । अभी भी दवाइयों के सहारे हूं। …
आविष्का, आपने ही लिखा है, देह के अलावा भी कुछ होना सीखा, और यह भी लिखा है कि कुछ अंदर बार बार पीछे खींच रहा है। ध्यान से देखिए, जो पीछे खींच रहा है वो स्थितियां नहीं हैं, वो आपकी अपनी यह उम्मीद है कि एक दिन खींचना बंद हो जाएगा, तब आप आकाश होंगी। जबतक देह है, यह खिंचाव रहेगा, यही तो लड़ाई है, यही तो यात्रा है। गिरना हार नहीं है, गिरकर भी देखते रहना ही आकाश होने का तरीका है, कोई आख़िरी पड़ाव नहीं जहां खिंचाव मिट जाए। जो आपने देखा और सुना है उसे अकेले मत छोड़िए, सत्रों और परीक्षाओं से जुड़े रहिए, यही वो जगह है जहां यह देखना बार बार ताज़ा होता रहेगा। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401


















