jiten beniwalमैनें कभी उनके बारे में सोचा ही नहीं जिनकी वजह से मेरा बहीखाता पूरा रहता है हमेशा। आज जब यह देखा तब पता चला कि कोई और है, जो अपने बहीखा…
Talking Mirror
जितेन जी, यही तो देखना था, कि पूरा दिखने वाला बहीखाता असल में किसी और के खाली खाते पर टिका है। एक कप चाय की कीमत सिर्फ पैसों में नहीं चुकती, कहीं कोई अपने हिस्से का सुकून, समय या मेहनताना कम करके उसे बराबर करता है। अब जब यह दिख गया है, तो अगली बार कप हाथ में लेते हुए यही सवाल साथ रहे।


















