
Rohit Bhardwaj
मेरी ख़ुद की अपेक्षाएँ कई बार वही होती हैं जो बाहर समाज की अपेक्षा होती है, माने वो हमारी ख़ुद की होती ही नहीं। बहुत सारे निर्णय इसी केंद्र से लिए गए हैं अतीत में और आज भी कभी-कभी वही केंद्र सक्रिय हो जाता है।
Post

मेरी ख़ुद की अपेक्षाएँ कई बार वही होती हैं जो बाहर समाज की अपेक्षा होती है, माने वो हमारी ख़ुद की होती ही नहीं। बहुत सारे निर्णय इसी केंद्र से लिए गए हैं अतीत में और आज भी कभी-कभी वही केंद्र सक्रिय हो जाता है।
No comments yet.