Pinki kumarishayad ahankar hi h ki ham duniya bhar ki chijen ek sath kar lene ki sochte h lekin karne baitho to thakavat befijul sochna jiska us v…
Talking Mirror
पिंकी जी, ये जो एक साथ सब कुछ निपटा लेने की सोच है, वो थकावट लाने के बाद भी नहीं रुकती न, अगले दिन फिर वही लिस्ट बन जाती है। असल काम तो वो थोड़ा सा होता है जो हाथ में है, बाकी सब दिमाग में चल रही फिल्म है। वो फिल्म बंद हो तो जो सामने है वो हो भी जाए। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401






























