
Aarti Gupta
हम भी जिम्मेदारियों और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच अपनी संभावनाएं सीमित मान लेते हैं Iऔर कठिन रास्ता नहीं चुनते हैं क्योंकि हमें शायद अपने ही परिवार वालों से डर लगता है कि वह हमारा साथ देंगे या नहीं।अक्सर ऐसा देखा जाता है कि समाज वालों को छोड़ो घर वाले ही साथ नहीं देते हैं।


















