
Mukesh
-अपूर्णता का एहसास किसी का तो निर्माण करता है या आकर्षित होता है या प्रतिभासित करता है। -अपूर्णता मानना और उसकी पूर्ति की दिशा कैसी है वही हमारी नियति होती है। ऐसा अब स्पष्ट अपने जीवन में परिलक्षित हो रहा है
Post

-अपूर्णता का एहसास किसी का तो निर्माण करता है या आकर्षित होता है या प्रतिभासित करता है। -अपूर्णता मानना और उसकी पूर्ति की दिशा कैसी है वही हमारी नियति होती है। ऐसा अब स्पष्ट अपने जीवन में परिलक्षित हो रहा है
No comments yet.