
Sita
हां,आचार्य जी से जुड़ने के बाद देख पा रही हूँ। सबसे पहले तो जंगलों को काटने से जंगली जानवरों को बहुत कष्ट होता है और बाद में प्रजातियां ही खत्म हो गई। पहले प्रकृति का दोहन करते हैं और फिर हम स्वयं बहुत भारी कीमत चुकाते है।
Post

हां,आचार्य जी से जुड़ने के बाद देख पा रही हूँ। सबसे पहले तो जंगलों को काटने से जंगली जानवरों को बहुत कष्ट होता है और बाद में प्रजातियां ही खत्म हो गई। पहले प्रकृति का दोहन करते हैं और फिर हम स्वयं बहुत भारी कीमत चुकाते है।
No comments yet.