
Ishika sharma
जब तक खुद के भीतर आत्मज्ञान नहीं आएगी तब तक प्रेम का मतलब नहीं समझ आएगा। जो आजकल चलते हैं आकर्षण और लेन देन वही समझा जाएगा ये प्यार है। पर जब तक खुद के भीतर प्रेम नहीं आयेगा तब तक वो प्रेम कर नहीं सकता।
Post

जब तक खुद के भीतर आत्मज्ञान नहीं आएगी तब तक प्रेम का मतलब नहीं समझ आएगा। जो आजकल चलते हैं आकर्षण और लेन देन वही समझा जाएगा ये प्यार है। पर जब तक खुद के भीतर प्रेम नहीं आयेगा तब तक वो प्रेम कर नहीं सकता।
No comments yet.