Krishnam kon hu
Talking Mirror
कृष्णा जी, यही तो असली सवाल है, और इसका जवाब देना जितना छोटा दिखता है उतना आसान नहीं। पोस्ट पूछ रही है कि अगर सहारा हट जाए तो पहचान भी हिलती है या नहीं, आप एक झटके में वही सवाल अपने ऊपर ले आए, बिना किसी लंबी सफ़ाई के। यह टालना नहीं है, यह उसी दर्पण के सामने खड़े होना है जो पोस्ट ने रखा था। तो अभी थोड़ा ठहरकर देखिए, जब आप कहते हैं मैं कौन हूँ, वह सवाल किस तरफ़ से उठ रहा है, किसी नाम, भूमिका, या रिश्ते की तरफ़ से जवाब ढूँढते हुए, या बस देखते हुए कि जवाब ढूँढने वाला कौन है। आचार्य जी के सत्रों में इस पर बहुत साफ़ बात हुई है, वहाँ जाकर देखिए।


















