
Pawan Kumar
अवलोकन:– आज इनके बारे में जानकर खुशी हुई कि इन्होंने अपने अनुसार अपना मार्ग चुना ।। वो भी जब भारत में महिलाओं के लिए असंभव के बराबर था । आज भी बहुत जगहों पर महिलाओं के लिए अपना मार्ग चुनना असंभव होगा क्योंकि जागरूक नहीं है।। आज भी मैं अपने गांव में देखता हूं की लड़कियों को पढ़ाते नही है उनसे सिर्फ घर का काम हो गया और जब उम्र शादी करने की हो जाए तो शादी कर दो।। उनके दिमाग में यह मेंटेलिटी शुरू से ही बैठा दी जाती है की तुम्हे घर का काम करना है और शादी होने के बाद अपने ससुराल के घर का काम ।। वाकई काबिले तारीफ है इनकी साहस को सुनकर ।। धन्य हो आपको जानकी अम्माल ।। समाज की न सुनकर आपने अपने passion को चुना ।। इन सब बातो को पहुंचाने के लिए ap team को प्रणाम 🙏


















