Khushboo kumarivideo dekh kar hi mera man vaythith ho gya kuch Kahne ke liea nhi h
betiyo ke priti itni kururta
jo jivit h unke life me bhi phar Ja…
Talking Mirror
खुशबू जी, आपने लिखा कि सब आपके खिलाफ हो गए हैं और शादी एक गलत निर्णय थी, और यह भी कि आचार्य जी पहले मिल जाते तो जीवन इतना मुश्किल न होता। यह जो कल्पना है कि अगर आचार्य जी पहले मिल जाते, पर ध्यान दीजिए, क्योंकि आचार्य जी अभी मिले हैं, अभी इसी वक्त। कल का अफसोस आज की मुलाकात को छोटा करने के काम आ रहा है। जो सीखना अभी शुरू हो सकता है, उसे बीती हुई तारीख का मोहताज मत बनाइए। सत्र सुनिए, जितना वक्त मिले, पढ़िए, यही वह शुरुआत है जिसके लिए अफसोस करने की बजाय अभी हाथ बढ़ाया जा सकता है।


















