
सर एक बात है, मुझे यैसा क्यों लग रहा है कि,अभी मै पहले खुद को सही से शिक्षित कर लू ,दूसरी तरफ आर्थिक हालत को लेकर परेशान, और चाहते बढ़ती जा रही है,की गिटार खरीदने की, उसके बाद लैपटॉप,फिर पढ़ाई करने की, जब की पैसे की,कीमत पहले देख ले रही हूं,उसके बाद निर्णय ले रही हूं,गिटार ,2000 हजार, और लेपटॉप 10000, और पढ़ाई,भी 10000, ही ,और वैसे नही बोल रही हु ,सर फोन भी मुझे मेरे मैने मेरे गोल्ड के ॐ था ,उसी को बेचकर मम्मी से लड़कर कर तब खरीदवाई हु , जबकि मेरे पापा मेरे लिए पैसा भेज दिये थे, लेकिन मम्मी देना नहीं चाहती थी,सर फोन भी खराब हो गया था,उसी को 6 महीने तक चलाई,सही से दिख भी नही रहा था,पापा पैसा भेजे थे,की खरीद लो , लेकिन सर मै मम्मी से बोली बाद में खरीदा जाएगा,आप इसी पैसे का बालू गिरवा दीजिए,10000 हजार था, लेकिन सर मेरी मम्मी उस पैसे का भी बेकार चीजों में उठा दी,घर के ही जरूरतों में,जबकि उसके लिए भी, पापा पैसा भेजते है, लेकिन पैसे का सही उपयोग नही करती है,आज कल में टालती रहती है,और वो पैसा बेकार चीजों में खर्च कर देती हैं,मै बहुत दिन से ऐसे ही देख रही हूं,कि पैसे का सही उपयोग नहीं करती है, और उस पैसे को एक बार नही देना चाहती है,धीरे, धीरे करके बकवास चीज में पैसा खत्म कर देती हैं, और बाद में पापा से झगड़ा करती है, कहती हैं पापा कुछ करते ही नही है, अगर मेरे पढ़ाई में 4000 हजार करके लग जाएगा,तो कहती है घर बन नहीं पा रहा है,b,a करी to मान लीजिए 25000 लगा होगा, और नकल भी होता था उसमें,पापा बोले M,a करलो लेकिन मैं मना कर दी,बोली पापा पैसा बेकार जा रहा है, नकल कराते हैं सब वहां पर,और उसको भी मै बस एक 1 साल ही में खत्म करने वाली थी, लेकिन बहुत दबाव से पढ़ी, क्योंकि सर पैसा बेकार जा रहा था, लेकिन सब के कहने पर उसको पढ़ी ,उसके बाद मै साफ मना कर दी,कि मैं नही पढूंगी नकल होता हैं वहां पर और बस पैसा लग रहा है,और मुझे कुछ आ भी नही रहा है,बस 2 महीने कोचिंग करी जब 9th में थी तो,उसमें भी नही समझ आया तो उसको भी छोड़ दी, क्योंकि पैसे को लेकर परेशानी थी,और घर का कार्य करने में बहुत आगे थी मै, क्योंकि जब से दी चली गई मेरा नंबर लग गया था,खाना बनाना सबका कपड़ा धोना,और पढ़ाई भी सरकारी और सस्ते स्कूलों से करी है,हिंदी मीडियम से,6,7,8 तक बस नाम लिखवाने के पैसे लगते थे, और कभी, कभी कोई कार्य होते थे तब लगते थे, और यूनीफॉर्म भी सर,3 ही में 12 फाइनल कर ली,और b,a me कलर ड्रेस से काम चल गया था, और खाना तो मुश्किल से जब छोटी रही होगी तभी लेकर गई होगी,नहीं तो 3 या 2 बजे आकर घर पर ही खाना होता था,मेरे घर में बस हम ही पढ़े है,न दी पढ़ी ना भाई,पापा बोले उन सबको भी लेकिन एक,दो साल में छोड़ दिए सब पढ़ाई,और मै किसी तरह पढ़ते चली आई,परेशानी घर का काम खेती, जिम्मेदारी सबको देखते हुए, लेकिन पढ़ाई नही छोड़ी ,जबकि मुझे घर के बारे में ज्यादा पता था, और पढ़ाई के बारे मे बहुत कम,आप कहते हैं किसी तरह बस नाम के पढ़ लेते हैं सब तो वही मेरी हालत थी सर,जो आज समझ आ रही है, और पढ़ना चाहती हूं, लेकिन उसमें भी दिक्कते दी जा रही है मां द्वारा ,और फोन लेने के लिए मुझे झगड़े करने पड़े ,मै बोली सोने का लॉकेट बेच कर हम लेंगे,आप हमको 6000 हजार दे दीजिए,जबकि पापा पूरा पैसा भेजे थे, लेकिन मम्मी देना नहीं चाहती थी,उस समय दीदी भी थी,वो भी बोली मोटे मन से की ले लेने दो,जबकि मैं बस ,7000 हजार वाला फोन ढूंढ रही थी,जब नहीं मिला तब मुझे ,10000 का फोन लेना पड़ा ,दूसरे पुराना फोन सब दिखा रहे थे,9000 हजार के ,तब जाकर बोली नया ले लो,तब दूसरे दिन गई अकेले फोन लेकर आई,फोन भी मुझे चुरा कर रखना पड़ता था,कुछ दिन तक,उसके बाद तब जाके लोगो को पता चला ,भाई नाराज था,जानने के बाद,जबकि पैसा बराबर का लगा है दोनों में,फर्क ये है मेरा पढ़ाई में लगा है,और उसका आने जाने ओर बदमाशी में लगा है, लेकिन फिर भी लोगो का यही कहना होता है कि इसको कितना पढ़ा दिए हैं, मां का कहना पहले है,तो सर वही मां से बोले मां मुझे गिटार खरीद दीजिए 2000 का मिलेगा,तो मेरी मां चाची की लड़की से बोली कि बोल रही है,गिटार खरीदने के लिए,तो चाची की लड़की कह रही है,खेत घर सब बेचवा देगी ये,सर मै सोचती रह गई,2000 हजार के लिए खेत घर बिक जा रहा है,जबकि 25000 हजार लगा b,a करने में जब की नकल हुआ था उसमें, और इसमें आचार्य जी को सुनने के बाद कुछ करना चाहती हूं,घर की आर्थिक स्थिति को थोड़ा आगे निकलना चाहती हु सही जीवन जीना चाहती हूं सत्य के लिए जीना मरना चाहती हु,तो खेत घर बिक जा रहा है,और लेपटॉप लेने के लिए सिल्वर की हाथ में पहनने वाली और पांव में ,तो उसको बेचकर खरीदने के लिए कह रहे,जब की दीदी हमको दी थी,तो उससे हम इजाजत लिए थे,हम बोले जब पैसा मेरे पास हो जाएगा दी तो तुमको हम खरीद कर दे देंगे,मन कोई दुख मत रखना,उसमें भी मम्मी को दिक्कत है,और मासी ,नानी द्वारा मुझे फ्रिज और बक्स देने की चाहत थी वो भी शादी में,तो उन सब भी बोले मुझे अभी पैसे दे दीजिए आप लोग मै पढ़ लू,फिर शादी में की बात अभी बहुत दूर है, लेकिन वो सब भी हाथ पीछे कर ली है,और अभी के लिए ,1000 महीना लगता हैं, कंप्यूटर क्लास में,और लाइब्रेरी में,750 ,ऑटो का किराया 20 रुपये रोज का ,फोन का रिचार्ज जो है उसमें 400 लगता हैं,तो अब तो सर यहां लाइब्रेरी में वाईफाई है,इसका दिक्कत थोड़ा कम हुआ,बस मुझे 3 महीने का टाइम दिया गया है, और संस्था में जो पैसा देना होता हैं वो मेरे पापा चुपके से मेरे खाते में मुझे खाने के लिए भेजते है तो उसमें से बिना किसी को पता लगे चुपके से भेजती हूं सर,अगर बता भी दूं तो मम्मी का मन उदास हो जाता है,ना फोन लिए होते ना आपसे जुड़े होते,तो सर अभी बहुत सारी बातें है बताने के लिए लेकिन इतना बता दिए है यही सबसे ज्यादा है,🙏🙏


















