
Sangeeta
मेरी समझ में एक वर्ग ऐसा भी है, जहां बेटियों को न सिर्फ बराबर की शिक्षा दी जा रही है बल्कि वह ऊंचे पदों पर कार्यरत भी है, विवाह भी अब और किससे करना है , ये चुनाव भी खुद ही करती हैं। पर कुछ लड़कियां विद्या की कमी होने के कारण अविद्या संभाल नहीं पा रहीं और गलत रास्ते चुन रही हैं। जहां तक हमें याद आ रहा है,एक बार आचार्य जी ने भी कहा था ,आत्मज्ञान के अभाव में सत्ता( मान) किसी को भी दोगे , दुरपयोग ही होगा। हमें अविद्या के साथ-साथ, वेद, गीता, दुर्गा सप्तशती आदि का ज्ञान दोनों पक्षों को समान रुप से कराना होगा।


















