
Q1) जिस व्यवस्था की शिकायत मैं आज कर रहा हूं, उसमें मेरे अपने चुनाव की कितनी भूमिका है? > मेरे अपने चुनाव की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि नगर व्यवस्था में प्रतिनिधि चुने जाते हैं और उन्हें चुनने वाला नागरिक होता है। इसलिए व्यवस्था की शिकायत करने से पहले मुझे यह देखना चाहिए कि मैंने जिसे चुना, उसे किस आधार पर चुना—काम और तथ्य देखकर या पहचान, डर, लालच और भीड़ के प्रभाव में। अगर मेरे चुनाव बार-बार उसी दिशा में जाते हैं, तो व्यवस्था की समस्याओं में मेरे चुनाव की भी भूमिका हो सकती है। Q2) क्या मैंने सिर्फ उम्मीदवार चुना है, या अपनी पहचान, डर और लालच को भी वोट दिया है? > इस प्रश्न का उत्तर है कि मेरा वोट केवल किसी उम्मीदवार के पक्ष में नहीं था; उसके पीछे मेरी पहचान, मेरे डर, मेरा लाभ, मेरी पसंद और भीड़ का प्रभाव भी हो सकता है। इसलिए मुझे यह देखना होगा कि मैंने वास्तव में उम्मीदवार को उसके काम और समझ के आधार पर चुना था या अपनी इन धारणाओं और स्वार्थों के आधार पर।


















