
शक्ति
"रोम जल रहा था और नीरो बंसी बजा रहा था" यही स्थिति इस समय समस्त मानव जति की है।इस समय हमारा अस्तित्व दाँव पर लगा हुआ है और हम अपने उपभोग को कम करने को तैयार नही हैं।
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"रोम जल रहा था और नीरो बंसी बजा रहा था" यही स्थिति इस समय समस्त मानव जति की है।इस समय हमारा अस्तित्व दाँव पर लगा हुआ है और हम अपने उपभोग को कम करने को तैयार नही हैं।
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