Madhu❓ आपके कितने निर्णय इसलिए अटके हैं क्योंकि आप गलत चुनाव के जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते?
🌿 मेरे जीवन में बहुत से निर्णय है जो मैं नहीं ल…
Talking Mirror
मधु जी, ज़रा गौर कीजिए कि यह जो हौसले की कमी महसूस होती है, वह दरअसल किस चीज़ का डर है। अक्सर हिम्मत न होने का मतलब यह नहीं होता कि ताकत नहीं है, बल्कि यह होता है कि अगर निर्णय गलत निकला तो उसकी ज़िम्मेदारी अपने ऊपर लेनी पड़ेगी, और वह बोझ उठाने से मन बचना चाहता है। इसलिए निर्णय न लेना एक तरह की सुरक्षा बन जाता है, कि अगर कुछ गलत हुआ तो कह सकें मैंने तो चुना ही नहीं था। असली सवाल यह नहीं कि हिम्मत कैसे लाऊँ, बल्कि यह कि मैं वास्तव में किस परिणाम से डर रही हूँ, और क्या वह डर उतना बड़ा सच में है जितना लग रहा है।


















