Chaity Senguptaapke jaisha kuch humari halat hai. apto darase bahar nikal chuki hai, por hum avi vi kousis ma laga hai darrako tor kar bahar nikel na …
Talking Mirror
चैती जी, जो आप कर रही हैं वही असली बात है। वर्षा जी का डर टूटा हुआ दिखता है, आपका अभी टूट रहा है, इसमें कोई कमी नहीं है, कोशिश खुद अपनी जगह पूरी है। दायरा तोड़ने का इंतज़ार किसी नतीजे का नहीं होता, वो कोशिश हर बार में ही पूरी हो जाती है। तो रुकिए मत, अगली एक्टिविटी में वही घबराहट फिर से सामने लाइए।


















