
VIJAY KUMAR PANDEY
शिल्पा आप बहुत साहसिक कदम लिया। यह कार्य आचार्य जी के शिक्षा से ही संभव है। जीवन में सफल होने के लिए या लक्ष्य प्राप्त करने के लिये अचानक यह सब कार्य करने पड़ते है, लेकिन लोक धर्म की भाषा में कहा जाए, तो यह सब ईश्वर की लीला है, जब चाहे ईश्वर कुछ भी करा सकता है। जिनके साथ ज्यादा दिन तक रह चुके है। उनके पूर्वाग्रह है, नकारात्मक विचार ज्यादा है, डर, भय, आशंका आदि से भरे पड़े है, इस लिए सत्य की तरफ बढ़ने से बचते है। सामान विचार या एक दूसरे विचार को सुनकर या चर्चा करके सहमति बन जाए, इस तरह के वातावरण में जीवन सहज सरल एवं आनंद दायक होगा, जल वायु परिवर्तन पर स्वयं एवं लोगो को जागरूक करना बहुत जरूरी है।


















