
Dashrath sharma
हम अक्सर मान्यता, धारणा को सही मान लेते है क्योंकि वास्तविकता को हम नजरंदाज कर देते है क्योंकि हम खुद कुछ करते नहीं क्योंकि हम वास्तविकता को जाँचने के लिए अहंकार को चोट पड़ती है वो हम बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं । इसलिए हम धरना को ही अपना बना लेते है। वास्तविकता की जांच पड़ताल नहीं करते है


















